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खाटू श्याम
भजन संग्रह

खाटू श्यामभजन संग्रह

‖ लोकप्रिय भजन संग्रह ‖

श्री खाटू श्याम जी के सबसे प्रिय भजन — पारम्परिक रचनाओं से लेकर khatu.in के नये बंगाली-हिन्दी प्रयोग तक। बोल, मर्म और गायन-परम्परा एक ही स्थान पर।

भजन भक्ति का सबसे जीवन्त रूप है — गाने वाले और सुनने वाले, दोनों के हृदय में बाबा का स्मरण जगाता है। ये भजन परम्परा में सबसे अधिक गाये जाते हैं — जागरण से मेले तक, घरेलू पूजा से सामूहिक सत्संग तक।

भजन संग्रह

श्याम के प्रिय गीत

  1. भजन · ०१

    बने बर्बरीक खाटू श्याम

    बर्बरीक से खाटू श्याम तक — श्रीकृष्ण के वचन और कलियुग में बाबा के प्रागट्य की कथा को भजन रूप में।

  2. भजन · ०२

    सेठों का सेठ

    मारवाड़ी समाज के परम आराध्य — "सेठों का सेठ खाटू नरेश।" बाबा का दानशील स्वरूप जिसने सेठ कोठारी से लेकर लाखों श्रद्धालुओं की झोली भरी।

  3. भजन · ०३

    तेरी बंसी पुकारे

    कृष्ण-श्याम एक हैं — मुरली से हर ध्वनि "राधा" का नाम है। अनुप जलोटा के मधुर शास्त्रीय स्वरों में सजी कालजयी रचना।

  4. भजन · ०४

    आया फागुण आया

    फाल्गुन का स्वागत — मेले, होली, और खाटू दर्शन का उमंगी आगमन। लखबीर सिंह लक्खा का होली-स्पेशल गायन।

  5. भजन · ०५

    गजब मेरे खाटू वाले

    खाटू वाले बाबा के अद्भुत ठाठ — उनके दरबार की महिमा, उनकी कृपा का प्रवाह। कन्हैया मित्तल का सर्वाधिक प्रिय अधिकारिक भजन।

  6. भजन · ०६

    मेरे हृदय माझे खाटू

    खाटू श्याम जी का एक मनोहर बंगाली-हिन्दी भजन — "दे दे दरस दे, श्याम हेला कोरिस ना"। हृदय में खाटू और नयनों में कृष्ण की सरल भक्ति का गीत, जिसमें कलयुग के अवतारी बाबा से दर्शन की विनती है।

परम्परा

ये भजन सदियों से मारवाड़ी समाज और श्याम-भक्त परम्परा में मौखिक रूप से चले आ रहे हैं। बोलों में स्थान-भेद से थोड़ा अन्तर हो सकता है — हम सबसे प्रचलित संस्करण प्रस्तुत कर रहे हैं।