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खाटू श्यामEN
भजन

गजब मेरेखाटू वाले

‖ श्री खाटू श्याम भजन ‖

"गजब मेरे खाटू वाले, गजब थारे ठाठ निराले" — यह पंक्ति आज हर श्याम-भक्त के होंठों पर है। कन्हैया मित्तल का यह भजन बाबा के अद्भुत स्वरूप का अनूठा स्तवन।

"गजब मेरे खाटू वाले" आधुनिक श्याम-भजनों में सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है। इसकी पंक्तियाँ ऐसी हैं कि पहली बार सुनते ही याद हो जाती हैं — और भक्त इसे बार-बार गाने को विवश हो जाता है।

कन्हैया मित्तल इस भजन को अपने मेले-कीर्तनों में मुख्य आकर्षण के रूप में प्रस्तुत करते हैं। उनका गायन ऊर्जा-भरा, उत्साहजनक, और भक्ति-रंग में डूबा हुआ है।

श्रवण

भजन सुनें

यह यूट्यूब का एक प्रसिद्ध संस्करण है। बहुत से कलाकारों ने इस भजन को आवाज़ दी है।

गजब मेरे खाटू वाले

ध्रुव पंक्ति

गजब मेरे खाटू वाले,

गजब थारे ठाठ निराले॥

दर्शन कर के बाबा का,

खुश हो जाते सब आने वाले॥

  1. अंतरा · ०१

    जो भी आये तेरे दर पे।

    झूम-झूम के जाये घर पे॥

    खाली हाथ कोई न लौटे।

    तेरी कृपा हर दिल में बसे॥

  2. अंतरा · ०२

    फूलों से सजी तेरी प्रतिमा।

    भक्तों का तू ही गरिमा॥

    मारवाड़ी, राजस्थानी, उत्तर भारत।

    सब को है तू ही आराध्य॥

पारम्परिक लोक-भजन। विभिन्न संस्करणों में पाठ-भेद हो सकता है।

अर्थ

भजन का मर्म

"गजब" शब्द हिन्दी में आश्चर्य, अद्भुत, अनूठेपन के लिए प्रयोग होता है। "गजब मेरे खाटू वाले" — मेरे बाबा खाटू वाले अद्भुत हैं!

"ठाठ निराले" का अर्थ है — आपकी शान, आपका वैभव, आपका दरबार सबसे अनूठा है। यह भक्त की उस अनुभूति का बयान है जो पहली बार खाटू पधार कर बाबा के दरबार के वैभव को देखता है।

भजन की मधुरता और सरलता ने इसे श्याम-भक्ति का "नया गान" बना दिया है। आज जागरण से लेकर कार-प्ले-लिस्ट तक, हर जगह यह भजन सुनाई देता है।

गायन-अवसर

जागरण, मेला कीर्तन, यात्रा-गीत, दैनिक भक्ति — हर अवसर पर। आधुनिक भक्ति-संगीत का प्रतिनिधि भजन।

प्रसिद्ध गायक

कन्हैया मित्तल — अधिकारिक संस्करण। उनके कई कार्यक्रमों, स्टूडियो रिकॉर्डिंग, और लाइव प्रस्तुतियों में यह केन्द्रीय रचना है।