मुख्य सामग्री पर जाएँ
खाटू श्यामEN
पाठ संग्रह

श्री श्यामस्तुति

आठ पद · मंगलाचरण व समर्पण · कलियुग के देवता का स्तवन

बर्बरीक की वंशावली, तीन बाणों की कथा, श्रीकृष्ण के वरदान और खाटू में प्रकट्य का यह आठ-पदीय स्तुति-गान — श्याम बाबा की महिमा का सरल पाठ।

स्तुति की महिमा

“श्री श्याम स्तुति” श्याम बाबा का संक्षिप्त किन्तु अत्यंत प्रभावशाली स्तवन है — एक मंगलाचरण, आठ पद और एक समर्पण। प्रत्येक पद में बाबा के एक रूप का दर्शन है: उनकी वंशावली, तीन बाणों की वीरता, सिर के दान का त्याग, खाटू में प्रकट्य, राजसी रूप, हारे का सहारा बनने का स्वभाव, दैनिक दर्शन और स्तुति का फल।

जहाँ चालीसा का पाठ विस्तृत है और आरती मधुर लय की, वहाँ स्तुति बाबा की कथा का सार है। समय कम हो तो भी इस स्तुति का पाठ बाबा की कृपा का सम्पूर्ण फल देता है।

॥ श्री श्याम स्तुति ॥

॥ मंगलाचरण ॥

ॐ श्याम देव शरणं,

खाटू नरेश नमो।

बर्बरीक कलियुग के,

हारे का सहारा हो॥

  1. पद · ०१

    भीम पौत्र अहिलावती के लाल,

    घटोत्कच नंदन वीर विशाल।

    बर्बरीक नाम तुम्हारा प्यारा,

    महाभारत में सर्वश्रेष्ठ धनुर्धारा॥

  2. पद · ०२

    तीन बाण के स्वामी कहलाए,

    जिनसे कोई न जीत सकाए।

    माता ने वचन कुलधर्म दिलाया,

    हारे का साथ निभाने का व्रत भाया॥

  3. पद · ०३

    श्रीकृष्ण ने ली शीश की दान,

    सच्चे भक्त की पहचान।

    दिया वरदान कलियुग में पूजे जाओ,

    “श्याम” नाम से जग में छाओ॥

  4. पद · ०४

    खाटू नगरी में प्रकटे आप,

    मिटे सब भक्तों का संताप।

    सीकर धरा हुई अति पावन,

    श्याम धाम बना मन भावन॥

  5. पद · ०५

    रत्न जड़ित सिंहासन सोहे,

    मोर मुकुट सिर शोभा मोहे।

    पीताम्बर तन पर अति प्यारा,

    वैजन्ती माला गल हारा॥

  6. पद · ०६

    हारे का तुम सहारा बनते,

    दीन-दुखी का दर्द हरते।

    जो भी पुकारे सच्चे मन से,

    दौड़े आते भक्त के तन से॥

  7. पद · ०७

    पाँच आरती होतीं नित प्रति,

    मंगल श्रृंगार भोग संध्या शयन गति।

    गेंदा के फूलों की महक छाए,

    दर्शन को जग सारा आए॥

  8. पद · ०८

    जो नित यह स्तुति गायेंगे,

    श्याम कृपा से सुख पायेंगे।

    मनवांछित फल बाबा देंगे,

    भव सागर से पार करेंगे॥

॥ समर्पण ॥

जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

पूरण होंगे सब मनकाम।

खाटू वाले बाबा प्यारे,

हम सब भक्त तुम्हारे सहारे॥

॥ इति श्री श्याम स्तुति सम्पूर्णम् ॥

जय श्री श्याम

पाठ की विधि

  1. ०१

    स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।

  2. ०२

    श्याम बाबा के चित्र अथवा प्रतीक के समक्ष दीप व धूप प्रज्वलित करें।

  3. ०३

    पहले मंगलाचरण का पाठ करें, फिर क्रमशः आठों पद, और अंत में समर्पण।

  4. ०४

    पाठ के अंत में बाबा से अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें। नित्य पाठ का संकल्प विशेष फलदायी है।