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खाटू श्याम
उत्सव · एकादशी

रमाएकादशी

‖ ५ नवम्बर २०२६ (गुरुवार) ‖

कार्तिक कृष्ण एकादशी — दीपावली से कुछ ही दिन पूर्व आने वाली तिथि। यहाँ "रमा" माता लक्ष्मी का नाम है, भगवान राम का नहीं।

कार्तिक मास का आरम्भ श्याम-भक्तों के लिए वर्ष का सबसे प्रतीक्षित काल है — इसी मास के शुक्ल पक्ष में बाबा का जन्मोत्सव आता है। रमा एकादशी उस मास की पहली एकादशी है, और दीपावली के दीप जलने से कुछ ही दिन पहले पड़ती है।

महत्व
  1. ०१

    रमा अर्थात् लक्ष्मी

    "रमा" माता लक्ष्मी का ही एक नाम है — भगवान विष्णु की शक्ति और संगिनी। इसीलिए इस एकादशी पर विष्णु के साथ लक्ष्मी जी का भी पूजन होता है। बहुत-से भक्त नाम सुनकर इसे भगवान राम से जोड़ लेते हैं, किन्तु इसका सम्बन्ध लक्ष्मी जी से है।

  2. ०२

    दीपावली की देहरी पर

    रमा एकादशी दीपावली से कुछ ही दिन पूर्व आती है, और लक्ष्मी-पूजन का पर्व निकट होने से इसका महत्व और बढ़ जाता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में कहा गया है कि श्रद्धा से रखा गया यह व्रत पूर्वजन्मों के पापों का नाश करता है।

  3. ०३

    कार्तिक मास और बाबा का जन्मोत्सव

    रमा एकादशी कार्तिक मास की पहली एकादशी है — और उसी मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, अर्थात् देवउठनी, श्री खाटू श्याम जी का प्रागट्य-दिवस है। श्याम-भक्तों के लिए यह तिथि एक संकेत है: कार्तिक आ गया, बाबा का जन्मोत्सव और कार्तिक मेला अब दूर नहीं।

व्रत विधि
  1. ०१

    दशमी की रात्रि से सात्त्विक आहार और संयम।

  2. ०२

    एकादशी प्रातः स्नान कर लक्ष्मी-नारायण का संयुक्त पूजन और व्रत-संकल्प।

  3. ०३

    तुलसी दल, कमल-पुष्प और दीप अर्पण; सन्ध्या को दीपदान विशेष शुभ।

  4. ०४

    दिनभर निराहार अथवा फलाहार व्रत, सामर्थ्य अनुसार।

  5. ०५

    द्वादशी प्रातः स्नान-पूजन के पश्चात् पारण।

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रमा एकादशी — सामान्य प्रश्न

  1. ०१

    रमा एकादशी का नाम भगवान राम पर है क्या?

    नहीं। यहाँ "रमा" माता लक्ष्मी का नाम है — भगवान विष्णु की संगिनी। इसीलिए इस दिन विष्णु के साथ लक्ष्मी जी का पूजन किया जाता है। नाम की समानता के कारण यह भ्रम आम है।

  2. ०२

    रमा एकादशी कब आती है?

    रमा एकादशी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में आती है — दीपावली से कुछ ही दिन पहले। अगली तिथि इस पृष्ठ के शीर्ष पर दी गई है।

  3. ०३

    इस एकादशी का खाटू श्याम जी से क्या सम्बन्ध है?

    रमा एकादशी कार्तिक मास की पहली एकादशी है, और इसी मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी — देवउठनी — श्री खाटू श्याम जी का प्रागट्य-दिवस है। इसके कुछ ही दिनों बाद खाटू में कार्तिक मेला लगता है।